हिंसक प्रदर्शन के दौरान UP में 11 की मौत

CAA protest

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में नागरिकता कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गयी, जिनमें आठ साल का बच्चा भी शामिल है। वहीं अपुष्ट खबरों के मुताबिक मृतकों की संख्या 13 बतायी जा रही है। मेरठ जिले से चार लोगों की मौत की खबर है। कानपुर और बिजनौर में दो दो लोगों की मौत हुई है। वाराणसी में भगदड में आठ साल के एक बच्चे की मौत हो गयी। संभल और फिरोजाबाद में एक एक व्यक्ति की मौत हुई है।

4 दिन की शांति के बाद अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के परिसर में शनिवार को फिर विरोध प्रदर्शन हुए। एएमयू के गैर शिक्षण स्टाफ के सैकडों लोगों ने एएमयू शिक्षक संघ के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। शुक्रवार शाम दिल्ली गेट थानाक्षेत्र के शाहजमाल में प्रदर्शनकारियों की बडी भीड को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने हलका बल प्रयोग किया था।

वहीं जनपद कासगंज में एनआरसी और नागरिकता कानून के विरोध के मददेनजर एहतियातन शुक्रवार रात 11 बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी है। पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शनों के चलते पुलिस प्रशासन पूरी तरह एलर्ट है। रात 11 बजे इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी है ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलायी जाने वाली अफवाहों को रोका जा सके।

इस बीच रामपुर में भी नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और शनिवार को बंद का भी आहवान किया गया। नागरिकता कानून के खिलाफ शुक्रवार को बहराइच में फैले तनाव के दृष्टिगत पुलिस ने 2067 उपद्रवियों व प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में छः मुकदमे दर्ज किए हैं तथा 38 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। कल की हिंसा में 10 पुलिस कर्मियों सहित करीब दो दर्जन लोगों को चोटें आई हैं। संवेदनशील माहौल व सोशल मीडिया के नाजायज इस्तेमाल की संभावना के मद्देनजर शहर में अगले आदेश तक इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है।

फिलहाल शनिवार सुबह से शहर में शांति दिख रही है। अधिकांश बाजार खुल गये हैं। पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने बताया कि शुक्रवार की नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव के बाद शहर में तनाव फैल गया था। धारा 144 तोड़कर प्रदर्शन, उग्र नारेबाजी व पथराव कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों को काबू में लाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल कर बल प्रयोग करना पड़ा था। उपद्रवियों के पथराव से 10 पुलिस कर्मियों को चोटें आई हैं जिनका इलाज स्थानीय मेडिकल कालेज में कराया जा रहा है।

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